11 हजार से ज्यादा कांवड़ियों ने किया जलाभिषेक, थारू क्षेत्र में गूंजा महादेव का जयघोष
रवि गुप्ता की है अबकी बारी, महाराणा प्रताप के वंशज कहे जाने वाले थारू समाज की ऐतिहासिक कांवड़ यात्रा में उमड़ा जनसैलाब, बिरिया गंगा घाट से मशानखम्भ तक दिखा आस्था का अद्भुत नजारा

पलिया की सियासत में 2027 को लेकर हलचल तेज है… थारू क्षेत्र की इस विशाल कांवड़ यात्रा में उमड़ी हजारों की भीड़ के बीच भाजपा नेता रवि गुप्ता की सक्रिय मौजूदगी ने एक बार फिर राजनीतिक चर्चाओं को हवा दे दी है। क्या यही जनसंपर्क आने वाले विधानसभा चुनाव में उनकी दावेदारी को मजबूत कर रहा है? आखिर पलिया सीट पर भाजपा के टिकट की रेस में रवि गुप्ता का दावा कितना मजबूत है—देखिए पूरी रिपोर्ट…”
लखीमपुर खीरी। सावन के दूसरे सोमवार को भारत-नेपाल सीमा से सटे थारू क्षेत्र में आस्था, परंपरा और भक्ति का ऐसा संगम देखने को मिला, जिसने पूरे इलाके को शिवमय कर दिया। बिरिया गंगा घाट से निकली भव्य कांवड़ यात्रा में आयोजकों के अनुसार 11 हजार से अधिक शिवभक्तों ने हिस्सा लिया और कई किलोमीटर लंबी कांवड़ियों की कतार ने क्षेत्र में नया रिकॉर्ड बनाने का दावा किया।
रिमझिम बारिश के बीच हाथों में कांवड़, जुबां पर बाबा महादेव का जयघोष और डीजे की धुन पर झूमते शिवभक्तों का कारवां जब आगे बढ़ा तो पूरा थारू क्षेत्र भक्तिमय नजर आया।
महाराणा प्रताप के वंशज कहे जाने वाले थारू समाज की परंपरा ने खींचा ध्यान
इस कांवड़ यात्रा की सबसे खास बात रही भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में रहने वाले थारू समाज की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान। थारू समाज को महाराणा प्रताप के वंशज होने की स्थानीय मान्यता से जोड़ा जाता है। इसी ऐतिहासिक पहचान और धार्मिक आस्था के मेल ने इस आयोजन को विशेष बना दिया।
बिरिया गंगा घाट पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्र हुए। यहां पूजन-अर्चन और गंगा आरती के बाद गंगा जल भरकर कांवड़ यात्रा की शुरुआत की गई।
कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष अरविंद गुप्ता मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। विश्व हिंदू परिषद के प्रांतीय नेता आचार्य संजय मिश्रा समेत अन्य अतिथियों की मौजूदगी में कांवड़ यात्रा को रवाना किया गया।
गंगा घाट से मशानखम्भ तक आस्था का सैलाब
कांवड़ यात्रा जैसे-जैसे आगे बढ़ी, रास्ते में जगह-जगह शिवभक्तों और स्थानीय लोगों ने कांवड़ियों के लिए जलपान की व्यवस्था की। बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ।
कई किलोमीटर तक दिखाई देती कांवड़ियों की कतार, महादेव के जयकारे और भक्ति गीतों ने पूरे वातावरण को धार्मिक रंग में रंग दिया।
पदयात्रा करते हुए कांवड़िये मशानखम्भ स्थित भगवान शंकर के मंदिर पहुंचे, जहां श्रद्धालुओं ने बाबा महादेव का जलाभिषेक किया। इसके बाद भंडारे और प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
रवि गुप्ता की टीम ने किया पुष्पवर्षा और अतिथियों का सम्मान
कांवड़ यात्रा के दौरान भाजपा नेता रवि गुप्ता और उनकी टीम ने मुख्य एवं विशिष्ट अतिथियों के साथ कांवड़ियों पर गुलाब की पंखुड़ियों से पुष्पवर्षा की। थारू समाज की ओर से अतिथियों का अंगवस्त्र ओढ़ाकर स्वागत और सम्मान भी किया गया।
आयोजन में शामिल लोगों ने इसे क्षेत्र की प्रमुख धार्मिक यात्राओं में से एक बताया। आयोजकों के अनुसार बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भागीदारी ने इस बार के आयोजन को खास बना दिया।
2027 को लेकर रवि गुप्ता के नाम की चर्चा क्यों तेज?
कांवड़ यात्रा के राजनीतिक पहलू ने भी स्थानीय स्तर पर लोगों का ध्यान खींचा। भाजपा नेता रवि गुप्ता पलिया विधानसभा क्षेत्र से आगामी 2027 विधानसभा चुनाव में भाजपा टिकट की दावेदारी कर रहे हैं। उनके समर्थकों का कहना है कि क्षेत्र में लगातार उनकी सक्रियता और विभिन्न सामाजिक-धार्मिक आयोजनों में भागीदारी के कारण उनकी दावेदारी चर्चा में है।
हालांकि, भाजपा की ओर से पलिया विधानसभा सीट के लिए 2027 के उम्मीदवार की आधिकारिक घोषणा अभी नहीं हुई है। ऐसे में टिकट को लेकर चल रही चर्चाओं को फिलहाल राजनीतिक अटकलों और दावेदारों की गतिविधियों के रूप में ही देखा जा रहा है।
इस आयोजन में रवि गुप्ता की सक्रिय मौजूदगी और थारू क्षेत्र के लोगों की बड़ी भागीदारी ने स्थानीय राजनीतिक चर्चाओं को जरूर हवा दी है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि आने वाले समय में भाजपा संगठन पलिया विधानसभा को लेकर क्या रणनीति अपनाता है।
सुरक्षा व्यवस्था भी रही मुस्तैद
कांवड़ यात्रा को देखते हुए सुरक्षा के भी व्यापक इंतजाम किए गए। गौरीफंटा कोतवाली और चंदन चौकी की पुलिस टीमों ने पूरे आयोजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था संभाली और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मुस्तैद रही।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के लखीमपुर जिला प्रचारक आजाद, पलिया ब्लॉक प्रमुख वीरेंद्र शुक्ला, भाजयुमो क्षेत्रीय मंत्री शशांक शर्मा, भाजपा वरिष्ठ नेता जितेंद्र अवस्थी समेत कई प्रमुख लोग शामिल हुए।
इसके अलावा संदीप मिश्रा, सूर्यमणि मिश्रा, देवराज गर्ग, सूरज गौतम, ज्वाला गुप्ता, अभिषेक गुप्ता, वृंदावन से आए महाराज जी समेत दूर-दराज से पहुंचे लोगों ने भी कांवड़ यात्रा में सहभागिता की।
समापन अवसर पर एकल अभियान के तीन राज्यों के संगठन मंत्री ओमप्रकाश ने श्रद्धालुओं के सुखमय जीवन की मंगलकामना की।
लेकिन इस पूरी यात्रा के बीच सबसे बड़ा सवाल यही रहा—क्या 11 हजार से ज्यादा कांवड़ियों की यह ऐतिहासिक भीड़ आने वाले विधानसभा चुनाव में थारू क्षेत्र के बदलते राजनीतिक समीकरणों का भी संकेत है? इसका जवाब आने वाले महीनों में राजनीतिक गतिविधियों और भाजपा के टिकट चयन के साथ सामने आएगा।



