सीएचसी पलिया में सीएमओ की कड़ी लताड़, निरीक्षण में मिलीं भारी कमियां—सुधार नहीं हुआ तो कार्रवाई की चेतावनी
रंग-बिरंगी चादरों से लेकर गंदगी और जलभराव तक पर सीएमओ नाराज, बाढ़ से पहले दवाओं का पर्याप्त स्टॉक और स्वास्थ्य टीमें तैयार रखने के निर्देश

CMO के औचक निरीक्षण में खुली सीएचसी पलिया की व्यवस्थाओं की पोल! मरीजों के वार्ड से लेकर सफाई व्यवस्था तक कई कमियां मिलीं। सीएमओ ने जिम्मेदारों को कड़ी फटकार लगाते हुए साफ चेतावनी दी—व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार करें, लापरवाही दोहराई गई तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
लखीमपुर खीरी। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पलिया में सोमवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संतोष गुप्ता ने अस्पताल का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत परखी। करीब 10 बजे अचानक सीएचसी पहुंचे सीएमओ ने अस्पताल के विभिन्न वार्डों, लैब, कोल्ड चेन, इमरजेंसी और दवा भंडार का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हें कई स्तर पर खामियां मिलीं, जिस पर उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों को कड़ी फटकार लगाई।
निरीक्षण के दौरान भर्ती वार्ड में मरीजों के बेड पर शासन द्वारा निर्धारित कलर कोड के अनुसार चादरें नहीं बिछी मिलीं। अलग-अलग रंगों की चादरें देखकर सीएमओ खासे नाराज हुए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि अस्पताल में निर्धारित दैनिक कलर कोड के अनुसार ही बेडशीट बिछाई जाएं। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सीएमओ ने अस्पताल परिसर की साफ-सफाई व्यवस्था का भी जायजा लिया। परिसर में गंदगी और कई स्थानों पर पानी भरा मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई। उन्होंने जिम्मेदारों को तत्काल जल निकासी कराने और नियमित रूप से सफाई व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। सीएमओ ने कहा कि अस्पताल परिसर में जलभराव मच्छरजनित बीमारियों का खतरा बढ़ा सकता है, इसलिए साफ-सफाई और जल निकासी में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
सीएमओ के निरीक्षण में मिली कमियों को लेकर उन्होंने जिम्मेदारों को सख्त लहजे में चेताया कि व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार किया जाए। उन्होंने संकेत दिया कि यदि निरीक्षण में सामने आई कमियों को दूर नहीं किया गया या भविष्य में इसी तरह की लापरवाही सामने आई तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इसके बाद सीएमओ ने औषधि भंडार कक्ष का निरीक्षण किया और अस्पताल में उपलब्ध दवाओं का जायजा लिया। आगामी दिनों में संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए उन्होंने आवश्यक दवाओं का पर्याप्त स्टॉक पहले से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। खास तौर पर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जलीय जीवों के दंश से जुड़े मामलों के उपचार के लिए जरूरी व्यवस्थाएं तैयार रखने को कहा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसी भी आपात स्थिति में मरीजों को तत्काल स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध हो सके, इसके लिए एंबुलेंस व्यवस्था पूरी तरह दुरुस्त रखी जाए। साथ ही बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों की निगरानी के लिए स्वास्थ्य टीमों का गठन कर उन्हें पहले से तैयार रखने के निर्देश दिए गए।
सीएमओ ने कहा कि बाढ़ जैसी आपदा के दौरान स्वास्थ्य विभाग की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में स्वास्थ्य टीमें लगातार प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करें और जरूरत पड़ने पर तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराएं।
सीएचसी पलिया के औचक निरीक्षण के दौरान सीएमओ का सख्त रुख साफ तौर पर दिखाई दिया। उन्होंने अधिकारियों को व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार के निर्देश देते हुए स्पष्ट किया कि अस्पताल में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना प्राथमिक जिम्मेदारी है। लापरवाही या अव्यवस्था किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी।



