बैंक कर्मी पर धोखाधड़ी का आरोप, चालू खाते से 1.24 लाख रुपये निकलने की शिकायत

कैश क्रेडिट लिमिट बनवाने बैंक पहुंचे कारोबारी के खाते से लाखों के लेनदेन का दावा… खाली वाउचर पर हस्ताक्षर कराने के आरोप से मचा हड़कंप, अब पुलिस से शिकायत
मैलानी, लखीमपुर खीरी। भारतीय स्टेट बैंक की मैलानी शाखा में एक कारोबारी के चालू खाते से कथित तौर पर 1 लाख 24 हजार रुपये काटे जाने का मामला सामने आया है। कारोबारी ने बैंक के एक आउटसोर्स कर्मचारी और शाखा प्रबंधक पर धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए मैलानी थाने में शिकायत देकर जांच और कार्रवाई की मांग की है।
शिकायतकर्ता अरुण कुमार यादव, संचालक न्यू मैलानी मेडिकल हॉल, निवासी दामोदरपुर वार्ड नंबर-6, मैलानी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया है कि उनका भारतीय स्टेट बैंक मैलानी शाखा में चालू खाता संचालित है। शिकायत के मुताबिक वह अपने कारोबार के लिए बैंक से कैश क्रेडिट लिमिट बनवाने के उद्देश्य से शाखा पहुंचे थे।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि 27 जुलाई 2026 को बैंक में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारी जितिन वर्मा द्वारा कैश क्रेडिट लिमिट से संबंधित कागजात और अन्य प्रक्रिया पूरी कराई जा रही थी। इसके बाद उन्हें शाखा प्रबंधक के पास ले जाया गया।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि शाखा प्रबंधक रामकिशोर यादव ने उन्हें दो ऐसे वाउचर दिए, जिनमें कथित तौर पर कोई विवरण नहीं भरा था और उन पर हस्ताक्षर करने को कहा गया। शिकायतकर्ता के अनुसार उन्होंने खाली वाउचर देखकर आपत्ति भी जताई, लेकिन उन्हें बताया गया कि कैश क्रेडिट लिमिट के खाते को सक्रिय करने की प्रक्रिया में कुछ कमी रह गई है।
शिकायतकर्ता का कहना है कि बैंक अधिकारियों और कर्मचारी पर विश्वास करते हुए उन्होंने उन वाउचरों पर हस्ताक्षर कर दिए। इसके बाद उसी दिन उनके मोबाइल पर बैंक खाते से संबंधित मैसेज आए, जिनमें करीब 4 लाख रुपये के लेनदेन और उनके चालू खाते से 1 लाख 24 हजार रुपये कटने की जानकारी सामने आई।
शिकायतकर्ता के मुताबिक जब उन्होंने इस संबंध में शाखा प्रबंधक से जानकारी मांगी तो उन्हें बताया गया कि सीसी खाते से 4 लाख रुपये उनके चालू खाते में ट्रांसफर किए गए हैं। हालांकि, शिकायतकर्ता का आरोप है कि चालू खाते से काटे गए 1.24 लाख रुपये के संबंध में उन्हें संतोषजनक जानकारी नहीं दी गई।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि 27 जुलाई 2026 को बैंक में हुए लेनदेन, वाउचर और बैंक रिकॉर्ड की जांच तथा संबंधित कर्मचारियों की लिखावट और हस्ताक्षर का मिलान कराने से पूरे मामले की वास्तविकता सामने आ सकती है।
कारोबारी ने मैलानी पुलिस से पूरे मामले की जांच कराने, बैंक के संबंधित रिकॉर्ड और वाउचर की जांच करने तथा दोषी पाए जाने वाले बैंक कर्मचारियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई करने की मांग की है।
अब देखना होगा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुलिस जांच में क्या सच्चाई सामने आती है और बैंक की ओर से इस पूरे मामले पर क्या स्पष्टीकरण दिया जाता है।



