लखीमपुर खीरी में H1N1 की दस्तक! दो मरीजों में पुष्टि, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट; खांसी-बुखार को न करें नजरअंदाज
खांसने-छींकने से फैल रहा इन्फ्लुएंजा, संक्रमित लोगों को भीड़ से दूर रहने की सलाह; बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष सावधानी

लखीमपुर खीरी में वायरल फीवर और इन्फ्लुएंजा ने बढ़ाई चिंता! दो मरीजों में H1N1 की पुष्टि के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट है। खांसी, छींक, गले में खराश और बुखार को मामूली समझकर नजरअंदाज न करें—एक छोटी सी लापरवाही संक्रमण को दूसरों तक पहुंचा सकती है।
लखीमपुर खीरी, 31 अगस्त। मौसम में बदलाव के साथ जिले में वायरल फीवर और इन्फ्लुएंजा के मामले सामने आने लगे हैं। इसी बीच जिले में दो मरीजों में H1N1 की पुष्टि हुई है। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन संक्रमण से बचाव और समय पर उपचार बेहद जरूरी है।
सीएमओ डॉ. संतोष गुप्ता ने लोगों से अपील की है कि सर्दी-जुकाम, खांसी, गले में खराश या बुखार जैसे लक्षणों को हल्के में न लें। लक्षण दिखाई देने पर प्रशिक्षित चिकित्सक से परामर्श लें और खुद से दवा लेने से बचें।
खांसने-छींकने से फैल सकता है संक्रमण
सीएमओ के मुताबिक इन्फ्लुएंजा बेहद संक्रामक बीमारी है। संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या बोलने के दौरान निकलने वाली सूक्ष्म बूंदों के जरिए वायरस आसपास के लोगों तक पहुंच सकता है। संपर्क में आने वाले व्यक्ति में एक-दो दिन के भीतर गले में खराश, बुखार, खांसी और जुकाम जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।
इन्फ्लुएंजा के कुछ प्रकारों में H1N1 भी शामिल है, जिसे आमतौर पर स्वाइन फ्लू के नाम से जाना जाता है।
मास्क लगाएं, भीड़ से रहें दूर
स्वास्थ्य विभाग ने संक्रमित या लक्षण वाले लोगों से संक्रमण रोकने के लिए विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। खांसते और छींकते समय मुंह और नाक को रुमाल या मास्क से ढकें। लक्षण रहने तक भीड़भाड़ वाले स्थानों से दूरी बनाए रखें।
जरूरत पड़ने पर संक्रमित व्यक्ति को घर में स्वयं को अलग रखना चाहिए और स्वस्थ होने के बाद ही सामान्य दिनचर्या में लौटना चाहिए। इससे संक्रमण की कड़ी को तोड़ने में मदद मिल सकती है।
बच्चों-बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को ज्यादा सावधानी
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार छोटे बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
लंबे समय से स्टेरॉयड लेने वाले, कैंसर, किडनी ट्रांसप्लांट या अन्य गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों तथा डायबिटीज जैसी बीमारी वाले लोगों में इन्फ्लुएंजा के लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है। मरीज की स्थिति के आधार पर डॉक्टर तय करेंगे कि अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत है या नहीं।
जिले में दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता
सीएमओ ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर सरकारी चिकित्सकों और ग्रामीण क्षेत्रों में तैनात सीएचओ को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। जिले में जरूरी दवाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं और आवश्यकता पड़ने पर जांच की सुविधा भी मौजूद है।
गंभीर मामलों में इस्तेमाल होने वाली ओसेल्टामिविर दवा भी स्वास्थ्य विभाग के पास उपलब्ध है।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि सर्दी-खांसी और बुखार को सामान्य समझकर लापरवाही न करें। समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने और संक्रमित व्यक्ति द्वारा बरती गई थोड़ी सी सावधानी संक्रमण के फैलाव को रोकने में बड़ी भूमिका निभा सकती है।



