छोटी काशी में कांवड़ यात्रा को लेकर हाई अलर्ट, डीएम-एसपी ने तैयार किया सुरक्षा का ब्लूप्रिंट
30 जुलाई से 28 अगस्त तक लाखों शिवभक्तों की सुरक्षा के लिए जिला प्रशासन का बड़ा एक्शन, ट्रैफिक डायवर्जन और हेल्पलाइन नंबर भी जारी।

हर-हर महादेव की गूंज से पहले प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हो गया है।
छोटी काशी गोला गोकर्णनाथ में लाखों कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए डीएम और एसपी ने ऐसा प्लान तैयार किया है, जिससे यात्रा सुरक्षित और सुचारु रहे।
जानिए कौन-कौन से रास्ते बंद रहेंगे, किन मार्गों से होगी एंट्री और किस नंबर पर मिलेगी तुरंत मदद।
लखीमपुर खीरी, 31 जुलाई। श्रावण मास में छोटी काशी के नाम से प्रसिद्ध गोला गोकर्णनाथ धाम में उमड़ने वाले लाखों शिवभक्तों और कांवड़ियों की सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। कांवड़ यात्रा-2026 को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से शुक्रवार को पुलिस लाइंस सभागार में डीएम अंजनी कुमार सिंह और एसपी डॉ. ख्याति गर्ग ने संयुक्त रूप से पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की ब्रीफिंग की। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और आपातकालीन तैयारियों का विस्तृत खाका प्रस्तुत किया गया।
डीएम अंजनी कुमार सिंह ने कहा कि कांवड़ यात्रा करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा महापर्व है। प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक शिवभक्त सुरक्षित माहौल में बाबा गोकरणनाथ के दर्शन कर सके। उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को समन्वय, अनुशासन और संवेदनशीलता के साथ ड्यूटी निभाने के निर्देश दिए।
यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए इस बार प्रशासन ने नौ प्रमुख मार्ग निर्धारित किए हैं। इन रास्तों से बहराइच, सीतापुर, लखनऊ, शाहजहांपुर, पीलीभीत, मैंगलगंज और सीमावर्ती क्षेत्रों से आने वाले श्रद्धालु गोला गोकर्णनाथ मंदिर तक पहुंचेंगे। इन मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ भीड़ नियंत्रण की भी विशेष योजना तैयार की गई है।
कांवड़ यात्रा के दौरान भारी वाहनों की आवाजाही पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। प्रत्येक सोमवार को होने वाली भारी भीड़ को देखते हुए शनिवार सुबह आठ बजे से मंगलवार रात आठ बजे तक, अथवा भीड़ समाप्त होने तक, कई प्रमुख मार्गों पर भारी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। फरधान-मोहम्मदी, अलीगंज-लखीमपुर, मोहम्मदी-लखीमपुर और खुटार-शाहजहांपुर मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही बंद रहेगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सप्ताह के शेष दिनों में यातायात सामान्य रूप से संचालित होगा।
आम नागरिकों और व्यावसायिक वाहनों को असुविधा न हो, इसके लिए ट्रैफिक पुलिस ने वैकल्पिक डायवर्जन रूट भी तय किए हैं। बहराइच से पीलीभीत और शाहजहांपुर जाने वाले वाहन सिसैया, धौरहरा, निघासन, पलिया, भीरा और मैलानी होकर गुजरेंगे। वहीं लखीमपुर से शाहजहांपुर जाने वाले वाहन बेहजम, कस्ता, मितौली और मैंगलगंज मार्ग का उपयोग करेंगे। सीतापुर और लखीमपुर के बीच भी वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए गए हैं।
सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए जिले में 14 क्विक रिस्पांस टीम (QRT) और यूपी-112 की 62 पीआरवी मोबाइल टीमें लगातार गश्त करेंगी। गोला गोकर्णनाथ मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए कंटीजेंसी प्लान और वैकल्पिक रूट भी तैयार रखे गए हैं।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं। किसी भी समस्या या आपात स्थिति में जिला नियंत्रण कक्ष 9454417444, यातायात कंट्रोल रूम 9454844045, मेला पुलिस कंट्रोल रूम 9415777125 तथा यूपी-112 पर संपर्क किया जा सकता है।
प्रशासन का कहना है कि इस वर्ष कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा, यातायात और भीड़ प्रबंधन को लेकर व्यापक तैयारी की गई है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो और यात्रा पूरी तरह सुरक्षित, शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराई जाए। लाखों शिवभक्तों के स्वागत के लिए छोटी काशी गोला गोकर्णनाथ पूरी तरह तैयार है, जबकि जिला प्रशासन भी हर चुनौती से निपटने के लिए चौकस नजर आ रहा है।



