बिच्छू का मंत्र नहीं मालूम और सांप के बिल में हाथ डाल रहे हैं…”, लखीमपुर में सांसद आनंद भदौरिया के इस बयान ने सियासी हलकों में मचा दी हलचल।

लखीमपुर खीरी
समाजवादी पार्टी के धौरहरा सांसद आनंद भदौरिया और सांसद उत्कर्ष वर्मा शुक्रवार को लखीमपुर सदर कोतवाली पहुंचे, जहां उन्होंने सोशल मीडिया पर प्रसारित कथित भ्रामक सामग्री को लेकर पुलिस को तहरीर सौंपकर कार्रवाई की मांग की। इस दौरान सांसद आनंद भदौरिया ने न केवल मामले में कानूनी कार्रवाई की मांग की, बल्कि प्रदेश सरकार के सहयोगी दल के नेता एवं मंत्री ओपी राजभर पर भी तीखा हमला बोला।
सांसद आनंद भदौरिया ने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया के माध्यम से प्रसारित कुछ वीडियो और पोस्ट के जरिए समाजवादी पार्टी के सांसदों और पार्टी की छवि धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस तरह की भ्रामक सामग्री से जनता के बीच गलत संदेश जा रहा है और राजनीतिक दुर्भावना के तहत दुष्प्रचार किया जा रहा है।
सदर कोतवाली पहुंचे सांसदों ने पुलिस से मामले की गंभीरता से जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग की। सांसद का कहना था कि लोकतंत्र में आलोचना का अधिकार सबको है, लेकिन झूठी और भ्रामक जानकारियों के जरिए किसी दल या उसके जनप्रतिनिधियों की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का प्रयास स्वीकार नहीं किया जा सकता।
इस दौरान मीडिया से बातचीत में सांसद आनंद भदौरिया ने प्रदेश सरकार में मंत्री और सुभासपा प्रमुख ओपी राजभर पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कुछ लोग बिना तथ्यों के बड़े-बड़े बयान देकर राजनीतिक सुर्खियां बटोरने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "उन्हें बिच्छू का मंत्र भी नहीं मालूम और सांप के बिल में हाथ डाल रहे हैं।"

यहीं नहीं, सांसद आनंद भदौरिया ने आगे कहा कि जनता सब कुछ देख रही है। जो स्टूल वाले मंत्री है उन्हें वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में भी जनता ने नकार दिया था और वर्ष 2027 में भी जनता उन्हें पूरी तरह पराजित कर देगी। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी जनता के मुद्दों पर संघर्ष कर रही है, जबकि कुछ लोग केवल बयानबाजी की राजनीति कर रहे हैं।
सांसद ने कहा कि प्रदेश की जनता महंगाई, बेरोजगारी और किसानों की समस्याओं से जूझ रही है, लेकिन कुछ नेताओं का पूरा ध्यान केवल राजनीतिक बयानबाजी और विरोधियों पर आरोप लगाने में लगा हुआ है। ऐसे लोग जनता के वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने का काम कर रहे हैं।
आनंद भदौरिया के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। उनके बयान को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच नई बयानबाजी की संभावना भी जताई जा रही है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि जैसे-जैसे 2027 के विधानसभा चुनाव नजदीक आएंगे, वैसे-वैसे नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप और अधिक तीखे होते जाएंगे।
वहीं, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्राप्त तहरीर के आधार पर तथ्यों का परीक्षण किया जाएगा और जो भी विधिक कार्रवाई बनती होगी, उसे नियमानुसार अमल में लाया जाएगा।