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पत्रकारिता पर उठे सवालों ने छेड़ी नई बहस!

लखीमपुर में पत्रकारों की गोष्ठी में प्रशासनिक सूचना व्यवस्था और निष्पक्ष पत्रकारिता पर गरजी आवाजें

“क्या अब पत्रकारों तक खबरें भी ‘चुनिंदा रास्तों’ से पहुंचेंगी?”
लखीमपुर खीरी में आयोजित पत्रकारों की विचार गोष्ठी में जब सूचना व्यवस्था, प्रेस नोट संस्कृति और प्रशासनिक संवाद पर सवाल उठे तो पूरा सभागार गंभीर बहस का केंद्र बन गया।

लखीमपुर में पत्रकारिता के बदलते परिवेश पर मंथन, कई बड़े सवाल उठे
ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन उत्तर प्रदेश की लखीमपुर जिला इकाई द्वारा संगठन के संस्थापक स्वर्गीय बाबू बालेश्वर लाल जी की 39वीं पुण्यतिथि पर नगर पालिका परिषद लखीमपुर के सभागार में भावपूर्ण श्रद्धांजलि सभा एवं “आज के परिवेश में पत्रकारिता” विषय पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष नितेश अग्रवाल ने की।
कार्यक्रम की शुरुआत स्वर्गीय बाबू बालेश्वर लाल जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि देने के साथ हुई। उपस्थित पत्रकारों ने दो मिनट का मौन रखकर उन्हें नमन किया।
प्रशासन और पत्रकारिता के रिश्तों पर खुलकर हुई चर्चा
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता वरिष्ठ पत्रकार एनके मिश्रा ने वर्तमान दौर में प्रशासन और पत्रकारिता के बीच बढ़ती दूरी पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन पत्रकारों को तथ्यात्मक सूचनाएं उपलब्ध कराने में गंभीर लापरवाही बरत रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रशासन केवल प्रेस नोट भेजकर अपनी जिम्मेदारी पूरी मान लेता है, जबकि पत्रकारों के सवालों और जवाबदेही से बचने की कोशिश की जा रही है। एनके मिश्रा ने कहा कि लोकतंत्र में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए पत्रकारों को स्वतंत्र और तथ्यात्मक जानकारी मिलना बेहद जरूरी है।
प्रेस नोट वायरल कराने” की व्यवस्था पर भी उठे सवाल
गोष्ठी के दौरान नगर पालिका सभागार में सूचना व्यवस्था और “प्रेस नोट वायरल कराने” का मुद्दा भी जोरदार तरीके से गूंजा। न्यूज़18 के पत्रकार मनोज शर्मा ने जिला प्रशासन और पत्रकारों के बीच सूचनाओं के आदान-प्रदान में “ठेका प्रणाली” लागू होने जैसी स्थिति पर चिंता जताई।
उन्होंने कहा कि यदि प्रशासनिक सूचनाएं सीमित लोगों तक केंद्रित होंगी तो निष्पक्ष पत्रकारिता प्रभावित होगी। सभी पत्रकारों को समान रूप से जानकारी उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है ताकि हर पत्रकार निष्पक्ष और संतुलित खबर जनता तक पहुंचा सके।
अधिकारियों के महिमामंडन से बचें पत्रकार”
आज तक के जिला संवाददाता अभिषेक वर्मा ने सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव और बदलती पत्रकारिता पर अपनी बात रखते हुए कहा कि पत्रकारों को अधिकारियों के महिमामंडन से बचना चाहिए।
उन्होंने कहा कि पत्रकारिता का उद्देश्य सत्ता या प्रशासन की प्रशंसा करना नहीं, बल्कि जनता के मुद्दों और सच्चाई को सामने लाना है। खबरों में निष्पक्षता और तथ्य सबसे अहम होने चाहिए।
पत्रकारों ने रखे अपने विचार
कार्यक्रम में न्यूज़ 18 के जिला संवाददाता मनोज शर्मा, खबर फास्ट के जिला संवाददाता अमीर रजा, वरिष्ठ पत्रकार सरदार राजेंद्र सिंह, पीटीआई के जिला संवाददाता नैमिष वर्मा, एबीपी न्यूज़ के जिला संवाददाता नवीन अवस्थी, संगठन के जिला उपाध्यक्ष अनिल गुप्ता सहित कई पत्रकारों ने पत्रकारिता के वर्तमान स्वरूप, चुनौतियों और जिम्मेदारियों पर अपने विचार व्यक्त किए।
सभी वक्ताओं ने खबरों को सच्चाई और निष्पक्षता के साथ प्रकाशित करने पर जोर दिया।
50 वर्षों से ग्रामीण पत्रकारों के लिए संघर्षरत है संगठन”
जिला अध्यक्ष नितेश अग्रवाल ने कहा कि ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन पिछले 50 वर्षों से ग्रामीण पत्रकारों के अधिकारों और सम्मान के लिए संघर्ष कर रहा है।
उन्होंने कहा कि पत्रकार का सबसे बड़ा दायित्व जन समस्याओं को समाचारों के माध्यम से शासन और प्रशासन तक पहुंचाना है ताकि आम जनता की आवाज सुनी जा सके और समस्याओं का समाधान हो सके।
बड़ी संख्या में मौजूद रहे पत्रकार
इस अवसर पर अनुज मिश्रा, अजय मिश्रा, देवेश पांडेय, हिमांशु श्रीवास्तव, अंकित, अशोक शुक्ला, सुशील गुप्ता, लोकेन्द्र प्रताप सिंह, चंद्रशेखर शुक्ला, पवन मिश्रा, उमंग गुप्ता, सुनील कुमार सोनी, रामजी सिंह, कमल पांडेय, विकास गुप्ता, राहुल सिंह, शोएब खान, शाहिद, प्रीति, मुनेन्द्र वर्मा, नितेश गुप्ता, आनंद तिवारी सहित बड़ी संख्या में पत्रकार साथी मौजूद रहे।

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