धान के खेत में मौत बनकर पड़ा था 22 फीट का विशाल अजगर! मजदूरों की पड़ी नजर तो मच गई चीख-पुकार
लखीमपुर खीरी के फुलवरिया गांव में धान की फसल के बीच छिपा मिला 80–90 किलो वजनी विशाल अजगर, वन विभाग की टीम ने घंटों की मशक्कत के बाद किया रेस्क्यू।

जरा सोचिए… आप धान के खेत में काम कर रहे हों और अचानक आपके सामने 22 फीट लंबा विशाल अजगर फन फैलाए दिखाई दे। यही नजारा लखीमपुर खीरी के एक गांव में देखने को मिला, जहां मजदूरों की चीख-पुकार से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।
लखीमपुर खीरी। दुधवा टाइगर रिजर्व से सटे पलिया वन रेंज के फुलवरिया गांव में उस समय दहशत फैल गई, जब धान के खेत में काम कर रहे मजदूरों की नजर अचानक एक विशाल अजगर पर पड़ी। करीब 22 फीट लंबे और 80 से 90 किलो वजनी अजगर को देखते ही मजदूर खेत छोड़कर जान बचाने के लिए भाग निकले। देखते ही देखते पूरे गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार धान की फसल के बीच छिपा अजगर बिल्कुल दिखाई नहीं दे रहा था। जैसे ही मजदूर उसकी ओर बढ़े, अचानक उसकी हलचल दिखाई दी। विशालकाय अजगर को देखकर मजदूरों के होश उड़ गए और कुछ ही मिनटों में गांव के सैकड़ों लोग खेत के पास जमा हो गए।
सूचना मिलते ही वन विभाग की मोटीवेटर नाज़रून निशा अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचीं। भीड़ को सुरक्षित दूरी पर हटाने के बाद रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। काफी सावधानी और मशक्कत के बाद टीम ने अजगर को सुरक्षित पकड़ लिया।
वन विभाग की टीम ने बताया कि अजगर को बिना किसी नुकसान के उसके प्राकृतिक आवास यानी जंगल में छोड़ दिया गया है। समय रहते रेस्क्यू होने से न तो किसी ग्रामीण को नुकसान पहुंचा और न ही वन्यजीव को कोई क्षति हुई।
दुधवा टाइगर रिजर्व के आसपास बसे गांवों में अक्सर जंगली जानवर और सांप भोजन या सुरक्षित ठिकाने की तलाश में खेतों तक पहुंच जाते हैं। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि यदि कोई वन्यजीव दिखाई दे तो घबराएं नहीं, उसे छेड़ने या मारने का प्रयास न करें, बल्कि तुरंत वन विभाग को सूचना दें ताकि सुरक्षित रेस्क्यू किया जा सके।
विशेषज्ञों का कहना है कि अजगर सामान्य तौर पर इंसानों पर हमला नहीं करते, लेकिन खतरा महसूस होने पर आक्रामक हो सकते हैं। इसलिए ऐसे मामलों में दूरी बनाए रखना और प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम का इंतजार करना ही सबसे सुरक्षित तरीका है।



