Author: Manoj Kumar Sharma

“ट्रांसफर में खत्म हुआ ‘जुगाड़ सिस्टम’! लखीमपुर में सीडीओ ने दिखाया ऐसा मॉडल, जिसकी हर तरफ चर्चा”

क्या सरकारी विभागों में भी बिना सिफारिश और बिना दबाव के ट्रांसफर हो सकता है? लखीमपुर खीरी में मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक कुमार ने एक ऐसी व्यवस्था लागू की है,…

2027 का सबसे बड़ा सियासी खेल: किसकी कटेगी टिकट, कौन बनेगा नया चेहरा और क्या सांसदों को उतारेगी बीजेपी?

उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव अभी दूर है, लेकिन भारतीय जनता पार्टी के भीतर राजनीतिक गणित अभी से शुरू हो चुका है। 2017 और 2022 में लगातार जीत दर्ज…

भारत-नेपाल सीमा पर बढ़ी सख्ती! अब हर दस्तावेज की होगी जांच, आखिर क्यों लिया गया बड़ा फैसला?

अगर आप भारत-नेपाल सीमा से आवाजाही करते हैं तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। अब बिना जांच और वैध दस्तावेजों के सीमा पार करना आसान नहीं होगा। आखिर…

लखीमपुर खीरी के पलिया में ‘सफेद मौत’ का जाल! आखिर किसकी छत्रछाया में फल-फूल रहा स्मैक का काला कारोबार?

कुछ साल पहले तक शांत माने जाने वाले पलिया और उसके आसपास के इलाके आज एक ऐसे नशे की गिरफ्त में बताए जा रहे हैं, जिसने सैकड़ों युवाओं का भविष्य…

क्या सचमुच मेंढकों ने बचाया था लखीमपुर खीरी को संकट से? जानिए रहस्यमयी मेंढक नाथ मंदिर का अद्भुत इतिहास

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में एक ऐसा मंदिर मौजूद है, जिसकी वास्तुकला और मान्यताएं पूरे देश में इसे अलग पहचान देती हैं। यह कोई साधारण शिव मंदिर नहीं,…

पलिया अस्पताल पहुंचा नगर व्यापार मंडल कंछल ग्रुप, व्यवस्थाओं का लिया जायजा; मरीजों के लिए सहयोग का बढ़ाया हाथ

जब समाज और प्रशासन साथ खड़े हों, तब स्वास्थ्य सेवाएं सिर्फ व्यवस्था नहीं बल्कि संवेदनशीलता की मिसाल बन जाती हैं। पलिया अस्पताल में नगर व्यापार मंडल कंछल ग्रुप का निरीक्षण…

“एक अंगूठा… और 550 करोड़ सरकार के नाम!”

एक अंगूठा… और देखते ही देखते 550 करोड़ रुपए की संपत्ति राज्य सरकार के नाम हो गई… शाहजहांपुर के रजिस्ट्री दफ्तर में हुआ यह दृश्य अब पूरे उत्तर प्रदेश में…

कुर्बानी के पीछे छिपा सबसे बड़ा राज! आखिर क्यों मनाई जाती है बकरीद?

क्या आपने कभी सोचा है कि बकरीद केवल कुर्बानी का त्योहार नहीं, बल्कि इंसानियत, त्याग और अल्लाह के प्रति समर्पण की सबसे बड़ी मिसाल क्यों मानी जाती है? आखिर ऐसा…

पत्रकारिता पर उठे सवालों ने छेड़ी नई बहस!

“क्या अब पत्रकारों तक खबरें भी ‘चुनिंदा रास्तों’ से पहुंचेंगी?” लखीमपुर खीरी में आयोजित पत्रकारों की विचार गोष्ठी में जब सूचना व्यवस्था, प्रेस नोट संस्कृति और प्रशासनिक संवाद पर सवाल…

मानसून से पहले खीरी में हाई अलर्ट! डीएम ने क्यों कहा- “एक भी चूक भारी पड़ेगी”?

नदियों के बढ़ते खतरे, कटान की आशंका और पिछले वर्षों के अनुभवों को देखते हुए लखीमपुर-खीरी प्रशासन अब कोई जोखिम नहीं लेना चाहता। डीएम अंजनी कुमार सिंह ने अफसरों को…